Tuesday, June 14, 2011

हिन्दु जगे तो विश्व जगेगा मानव का विश्वास जगेगा

हिन्दु जगे तो विश्व जगेगा मानव का विश्वास जगेगा
भेद भावना तमस ह्टेगा समरसता अमर्त बरसेगा
हिन्दु जगेगा विश्व जगेगा

हिन्दु सदा से विश्व बन्धु है जड चेतन अपना माना है
मानव पशु तरु गीरी सरीता में एक ब्रम्ह को पहचाना है
जो चाहे जिस पथ से आये साधक केन्द्र बिंदु पहुचेगा ॥१॥

इसी सत्य को विविध पक्ष से वेदों में हमने गाया था
निकट बिठा कर इसी तत्व को उपनिषदो में समझाया था
मन्दिर मथ गुरुद्वारे जाकर यही ज्ञान सत्संग मिलेगा ॥२॥

हिन्दु धर्म वह सिंधु अटल है जिसमें सब धारा मिलती है
धर्म अर्थ ओर काम मोक्ष की किरणे लहर लहर खिलती है
इसी पुर्ण में पुर्ण जगत का जीवन मधु संपुर्ण फलेगा

इस पावन हिन्दुत्व सुधा की रक्षा प्राणों से करनी है
जग को आर्यशील की शिक्षा निज जीवन से सिखलानी है
द्वेष त्वेष भय सभी हटाने पान्चजन्य फिर से गूंजेगा ॥३॥

अन्ना हजारे को इस कुचक्र में फंसने से बचना चाहिए


यह जितना आपत्तिजनक है उतना ही निराशाजनक भी कि कांग्रेस और केंद्र सरकार बाबा रामदेव के बाद अब अन्ना हजारे पर भी निशाना साधने में जुट गई है। पहले कांग्रेस के प्रवक्ताओं और फिर केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने जिस तरह अन्ना हजारे के रवैये के बहाने उनकी मांगों को खारिज किया उससे इस आशंका की पुष्टि हो रही है कि सरकार ने भ्रष्टाचार के मुद्दे से देश का ध्यान हटाने के लिए कोई नई चाल चली है। यह एक तरह का कुचक्र है। अन्ना हजारे को इस कुचक्र में फंसने से बचना चाहिए।